टी ० वी ० के घरेलु उपचार - Herbal Home Remedies For Tuberculosis.




टी० वी ० (Tuberculosis ) को क्षय रोग भी कहा जाता है। टी ० वी ० एक सक्रामक रोगों में आते है जो माक्रोबक्टेरियम टूबरक्लोसिस जीवाणु से फैलता है। इस रोग में रोगी का फेफड़ा पर काफी बुरा असर पड़ता है कभी -कभी समय पर इलाज नहीं किया गया तो रोगी की जान भी जा सकती है। टी ० वी ० एक सक्रमित रोग रहने के कारण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हो सकता है। टी ० वी ० होने का कोई उम्र नहीं होता है यह रोग किसी उम्र के व्यक्ति को हो सकता चाहे वह बूढ़ा हो या बच्चा। टी ० वी ० एक खतरनाक रोगों में आते है ,इस बीमारी में समय पर इलाज कराना बेहत जरुरी है नहीं तो रोगी के जान जाने का खतरा हो जाता है।

टी ० वी ० (क्षय रोग )  होने के लक्षण  Tuberculosis Hone Ke Lakshan :-

  • यदि किसी व्यक्ति को काफी लम्बे समय से खांसी हो और कोई दवा से आराम न हो तो हो सकता है उस व्यक्ति को   टी ० वी० हो सकता है। 
  • कभी -कभी किसी व्यक्ति का अचानक वजन कम होना भी टी ० वी ० के लक्षण हो सकते है। 
  • टी ० वी ० के मुख्य लक्षण खांसी होने के साथ -साथ कफ से खून आना होते है। 
  • कभी -कभी खांसी के साथ -साथ छाती में दर्द होना टी ० वी ० के लक्षण हो सकते है। 
  • कभी -कभी खांसी के साथ -साथ ठंड के साथ बुखार आना टी ० वी ० के लक्षण हो सकते है। 

टी ० वी ० (क्षय रोग )  होने के कारण   Tuberculosis Hone Ke Karan :-

  • टी ० वी ० माक्रोबक्टेरियम टूबरक्लोसिस जीवाणु के काटने से उत्पन होते है। 
  • टी ० वी ० दूषित खाना व दूषित पानी का सेवन करने से भी हो सकता है। 
  • कभी -कभी किसी व्यक्ति को यदि शुगर या एड्स पहले हो चुका हो तो टी ० वी ० होने का खतरा बना रहता है। 
  • टी ० वी ० संक्रमित बीमारी होने के कारण एक व्यक्ति के खांसने से दूसरे व्यक्ति को हो सकता है। 
  • जब किसी व्यक्ति के शरीर के प्रतिरोधक छमता कम हो जाये तो टी ० वी ० हो सकता है। 

टी ० वी ० के घरेलु उपचार Herbal Home Remedies For Tuberculosis :-

1. सहजन के पत्तों से टी  वी के घरेलु उपचार :-
  • टी वी से ग्रसित रोगी के लिए सहजन के पत्ते का इस्तेमाल काफी उपयोगी माने जाते है। सहजन के कुछ पत्ते को एक कप शुद्ध पानी में कम तापमान में गर्म कर ले फिर उस पानी को थोड़ी देर ठंडा होने के लिए छोड़ दे ,जब पानी ठंडा हो जाये तो उस पानी में नींबू का रस के साथ नमक और मिर्च मिला दे। अब सहजन मिश्रित पानी का सेवन रोजाना सुबह भूखे पेट करते रहने से टी  वी से निजाद पाया जा सकता है। 
  • इसके अलावे सहजन के पत्ते को उबाल कर उस उबले पत्ते का सेवन नियमित करते रहने से भी टी वी से छुटकारा पाया जा सकता है। 

2.  आमला से टी  वी के घरेलु उपचार :-

  • आमला का उपयोग आदिकाल से ही रामबाण औषद्यि के रूप में होते आ रहा है। तीन चार आमला को जूसर में डालकर उसका जूस निकाल ले फिर उस जूस को एक बर्तन में डालकर उस जूस को छान ले और उस आमला जूस में एक चमच्च शहद मिलाकर रोजाना सुबह सेवन करते रहने से टी वी से निजाद पाया जा सकता है। 

3.  केला से टी  वी के घरेलु उपचार :-

  • टी  वी के रोगी के लिए केला काफी उपयोगी साबित होते है। पके हुए केले का पेस्ट बनाकर उस पेस्ट में आधा कप दही व एक चमच्च शहद और एक कप नारियल पानी मिलाकर उसका मिश्रण बना ले तथा मिश्रित केले के पेस्ट का सेवन नियमित एक से दो बार लगातार करते रहने से टी  वी से छुटकारा पाया जा सकता है। 
  • इसके अलावे कच्चे केले का जूस बनाकर नियमित सेवन करने से भी टी  वी से काफी हद तक आराम मिलता है। 

4.  लहसुन से टी वी के घरेलु उपचार :-

  • लहसुन का उपयोग पुराने ज़माने से जोड़ो के दर्द  में रामबाण औषधि के रूप में होते आ रहा है। लहसुन का उपयोग   टी वी के रोगी के लिए भी काफी कारगर माने जाते है। लहसुन के नौ -दस कलियों को छोटे -छोटे टुकड़े में काट कर एक कप दुध में गर्म कर ले जब लहसुन व दुध गर्म हो जाये तो उस मिश्रित दुध का  सेवन करने से टी वी से छुटकारा पाया जा सकता है। साथ -ही -साथ उस लहसुन के टुकड़े को भी चबा कर खा ले। 
  • इसके अलावे लहसुन के कलियों से रस निकाल कर एक कप गर्म दुध में नौ -दस बूंद लहसुन रस मिलाकर टी वी के रोगी नियमित सेवन करे तो टी वी जैसे रोग से निजाद पाया जा सकता है। 

5.  संतरे से टी वी के घरेलु उपचार :-

  • संतरे का जूस टी वी के रोगी के लिए उपयोगी दवा होते है। एक संतरे को जूसर में डालकर उसका जूस निकाल ले ,जब संतरे का जूस निकल जाये तो उसे एक साफ कपड़े से छान कर उस संतरे जूस में एक चमच्च शहद व नमक मिलाकर नियमित एक से दो बार सेवन करते रहने से टी वी से निजाद पाया जा सकता है। 

6.  पुदीने के पत्ते से टी वी के घरेलु उपचार :-

  • पुदीने के पत्ते टी वी से ग्रसित रोगी के लिए उपयोगी होते है। पुदीने के पत्ते का रस निकाल कर एक बर्तन में रखे फिर उस वर्तन से एक चमच्च पुदीने का रस ले दो चमच्च शहद और आधा कप गाजर का सुप मिलाकर तीनों का अच्छी तरह से मिश्रण बनाकर रोजाना लगातार सेवन करते रहने से टी वी से राहत पाया जा सकता है। 


7.  अखरोट से टी वी के घरेलु उपचार :-
  • अखरोट टी वी के रोगी के लिए उपयोगी दवा होते है है। अखरोट के बीज का अच्छी तरह से चूर्ण बना ले और एक वर्तन में दो चमच्च अखरोट का चूर्ण ले लें तथा उसमे एक चमच्च पीसी हुई लहसुन व एक चमच्च माखन मिलाकर अच्छी तरह से मिश्रण बनाकर रोजाना एक बार सेवन करने से टी वी से छुटकारा पाया जा सकता है। 
  • इसके अलावे अखरोट का नियमित सेवन करने से भी टी वी जैसे रोग से निजाद पाया जा सकता है। 


टी वी (क्षय रोग ) कोई गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन यदि ससमय इस बीमारी का सटिक इलाज नहीं किया जाय तो कभी -कभी टी वी जानलेवा भी सिद्ध हो जाते है। फिर भी यदि समय रहते टी वी रोग का पता चल जाये तो इसे आप कुछ आसान घरेलु नुस्खे को अपनाकर आसानी से टी वी जैसे रोग से छुटकारा पा सकते है फिर भी यदि आपको लगे कि आपको इन घरेलु नुस्खे से कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है तो आप किसी चिकिसक से अपना उपचार करा सकते है।  
टी ० वी ० के घरेलु उपचार - Herbal Home Remedies For Tuberculosis. टी ० वी ० के घरेलु उपचार - Herbal Home Remedies For Tuberculosis. Reviewed by A Sinha on मार्च 08, 2018 Rating: 5
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